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फरवरी 2018 में विवाह मुहूर्त

फरवरी 2018 में विवाह मुहूर्त

विवाह को भारतीय संस्कृति में पवित्र बंधन माना जाता है। हमारे पूर्वजों ने ज्योतिष में ऐसे तरीके विकसित कियॆ हैं जिससे कि विवाह के लिए शुभ मुहूर्त का चयन किया जा सके। चयनित मुहूर्तों में प्रकृति से जातक का सामंजस्य बना कर सुखी विवाहित जीवन की कामना की जाती है।

जनवरी 2018 में शुक्र अस्त होने के कारण कोई शुभ मुहूर्त नहीं है। वैवाहिक सुख के लिए शुक्र अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यह ग्रह स्त्री या पत्नी का कारक ग्रह है और इसकी शक्ति पर विवाह की सफलता निर्भर करती है। भोग का कारक ग्रह भी शुक्र होने के कारण अस्तत्व का दोष लगने पर विवाह संभव नहीं होता है। 

विवाह के शुभ मुहूर्त फरवरी 2018 में

फरवरी में उन जोड़ों के लिए खुशी का समय है जो विवाह करना चाहते हैं। शुक्रवार 3 फरवरी को शुक्र के उदय़ होने से इस महीने में कुल 14 सामान्य मुहूर्त हैं (जिनमें संशोधन वाँछनीय़ है)। सूर्य- चंद्र- गुरु शुद्धीकरण विवाह मुहूर्त के लिए परम आवश्यक है। गुरु अस्त होने पर भी विवाह करना शुभ नहीं होता है क्योंकि यह ग्रह सबसे अधिक शुभता देने वाला है एवं पति का कारक भी है। फरवरी का महिना इस दोष से मुक्त होने के कारण इसका विचार करना आवश्यक नहीं है। चंद्रमा मन का कारक होता है। शास्त्रों में कहा गया है की चंद्रमा मन और विचारों को नियंत्रित करता है अतः इसका बल भी विचारणीय है। चंद्र की भाँति सूर्य का भी विचार करना चाहिए । सूर्य सारी प्रकृति को उर्जा प्रदान करता है एवं इस चराचर जगत को चलाने में इसकी मुख्य भूमिका है। अतः सूर्य की स्थिति भी गुरु और चंद्र के समान महत्वपूर्ण है। इन सभी बातों को ध्यान में रखकर हमें विवाह मुहूर्त का चयन करना चाहिए।

फरवरी माह की सामान्य शादी के मुहूर्त की तारीखें निम्न हैं- 6,7,9,10,11,12,18,19,24,20,23,28। मुहूर्त का चयन करने से पूर्व किसी अच्छे ज्योतिषी की सलाह लें क्योंकि लग्नेश की स्थिति तथा अन्य ज्योतिषीय विश्लेषण आवश्यक हैं।

राशि अनुसार फरवरी में विवाह करने का फल स्त्रियों के लिए

  • मेष राशि के लिए बृहस्पति सप्तम स्थान में रहेगा अतः विवाह करना अच्छा है।
  • वृषभ राशि के लिए गुरु ग्रह छठे स्थान में रहेगा अतः विवाह के पूर्व उपाय कर लेना चाहिए।
  • मिथुन राशि के लिए बृहस्पति पांचवें स्थान में रहेगा अतः शुभ है।
  • कर्क राशि के लिए इस माह विवाह करना शुभ नहीं है।
  • सिंह राशि के लिए दान करने के पश्चात् ही विवाह करना अच्छा होगा।
  • कन्या राशि के लिए बृहस्पति  के द्वितीय स्थान में होने के कारण विवाह करना शुभ है।
  • तुला राशि के लिए समुचित दान करने के पश्चात् ही विवाह करना श्रेयस्कर होगा।
  • वृश्चिक राशि के लिए गुरु ग्रह  पिछले स्थान में बैठेगा और विवाह करना शुभ नहीं है।
  • धनु राशि के लिए एकादश स्थान में बृहस्पति की स्थिति होने के कारण विवाह करना शुभ है।
  • मकर राशि के लिए दशम स्थान में गुरु रहेगा अतः विवाह से पहले दान करना उचित होगा।
  • कुंभ राशि के लिए इस ग्रह की स्थिति नवम स्थान में रहेगी जो की अत्यंत शुभ है।
  • मीन राशि के लिए बृहस्पति देव अष्टम स्थान में विराजमान होंगे जो स्थिति वाँछनीय नहीं है अतः विवाह करना शुभ नहीं है।

राशि अनुसार फरवरी में विवाह करने का फल पुरुषों के लिए

इस महीने सूर्य मकर राशि में भ्रमण करेंगे अतः विवाह विचार निम्न प्रकार से है।

  • मेष राशि के पुरुष जातकों के लिए विवाह करना अत्यंत शुभ रहेगा क्योंकि सूर्य की स्थिति उनकी राशि से दशम भाव में है।
  • वृषभ राशि के जातकों के लिए दान करने के उपरांत ही विवाह करना शुभ होगा।
  • मिथुन राशि के जातकों के लिए अष्टम स्थान में सूर्य स्थित होने के कारण इस महीने विवाह शुभ नहीं है।
  • कर्क राशि के जातकों को दान करने के उपरांत विवाह करना चाहिए।
  • सिंह राशि के छठे स्थान में सूर्य स्थित है तो विवाह करना शुभ है।
  • कन्या राशि के पुरुषों के लिए समुचित उपाय करने के पश्चात ही विवाह करना शुभ होगा।
  • तुला राशि के लिए चतुर्थ स्थान में सूर्य की स्थिति होने के कारण विवाह शुभ नहीं है।
  • वृश्चिक राशि के लिए विवाह करना शुभ रहेगा क्योंकि सूर्य उनकी राशि से तृतीय स्थान में विराजमान है।
  • धनु राशि के जातकों को उपाय और दान करके ही विवाह करना चाहिए।
  • मकर राशि के पुरुषों के लिए प्रथम स्थान में सूर्य होने के कारण दान करने के पश्चात ही विवाह करना चाहिए।
  • कुंभ राशि के लिए  अभी  विवाह करना उचित नहीं है।
  • मीन राशि के जातकों के लिए विवाह शुभ  होगा क्योंकि सूर्य इनकी राशि से एकादश स्थान में है और एकादश स्थान में पापी ग्रह अच्छा फल देता है।

परिहार के रूप में यदि बृहस्पति की स्थिति जातक या जातिका की राशि से पहले,चौथे,पांचवें, नौवें और दसवें स्थान में होती है तो सभी दोषों का निवारण होता है।

विवाह योग 

साराँश में हम कह सकते हैं कि वैदिक ज्योतिष में ऐसे उन्नत तरीके विकसित हैं जिनसे विवाह का सही और शुभ मुहूर्त निकाला जा सकता है। ईश्वर द्वारा निर्धारित विवाह को शुभ मुहूर्त में संपन्न करके वर-वधू के सुखी वैवाहिक जीवन की सफलता प्राप्त की जा सकती है। देशकाल परंपरा  और पंचांग के अनुसार मुहूर्त की तिथियों में परिवर्तन अपेक्षित है।

Marriage Dates in Feb 2018

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