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मेरा विवाह कब होगा ?

मेरा विवाह कब होगा ?

विवाह से पहले हर किसी के मन में एक बार तो यह प्रश्न अवश्य आता है कि मेरा विवाह कब होगा और कैसे होगा इस प्रश्न का उत्तर जानने की कोशिश करते हैं ज्योतिष के अनुसार।

सबसे पहले आइए जानते हैं हस्तरेखा अनुसार आप का विवाह कब होगा मैं बहुत ही सरल सूत्र दे रहा हूं इसमें आपको ज्योतिष का ज्ञान होना आवश्यक नहीं है हस्त रेखा विशेषज्ञ होने की आवश्यकता नहीं है यह सूत्र अत्यंत सरल है एक धागा लीजिए और अपनी जीवन रेखा की लंबाई इस धागे से नाप लीजिए।

आज के वर्तमान जीवन में एक व्यक्ति की औसत आयु 65 से 70 वर्ष मान कर चलिए और इस धागे को 10 10 वर्ष के पश्चात निशान लगाते रहिए इस तरह औसतन आप सात निशान लगाएंगे। अब विवाह रेखा का नाप लीजिए। एक नया धागा लेकर उसे विवाह रेखा जितना काट लीजिए इस नए धागे को जीवन रेखा के धागे के साथ मिलाएं आपको धागे के सिरे से नए धागे के अंत तक की दूरी के द्वारा पता चल जाएगा कि किस उम्र में आपका विवाह होगा।

पहला निशान 10 वर्ष का है दूसरा निशान 20 वर्ष का है और उसके मध्य में 25 वर्ष का निशान है।

आइए कुंडली से जानते हैं कि विवाह कब होगा ?

आपकी जन्मकुंडली में 12 घर होते हैं जिनमें से कुंडली का दूसरा घर आपके परिवार का है जय श्री राम कुंडली का सातवां घर विवाह और जीवन साथी का है और कुंडली का नौवां घर भाग्य का है इन तीनों घरों में जो नंबर दिया रहता है वह 12 राशियों में से 3 राशियां है इन राशियों के स्वामी जब आपके जीवन में शुभ अवस्था में होते हैं तब आपका शुभ विवाह होता है और जब इन तीनों ग्रहों की अवस्था दुर्बल होती है परंतु एक साथ आपके जीवन में जब भी आते हैं विवाह अवश्य करते हैं दुर्बल होने पर आपका विवाह आप की पसंद से नहीं होता है।

विवाह योग कब बनता है इसके अनेक उत्तर है जिनमें से कुछ गोपनीय विवाह योग प्रस्तुत कर रहा हूं।

  • 15 से 30 साल की उम्र में यदि आपकी बृहस्पति की महादशा और शुक्र की अंतर्दशा आती है तो विवाह योग बनता है।
  • 15 सेप 30 साल की उम्र में यदि शुक्र की महादशा में बुध गुरु या चंद्रमा की दशा आती है तो विवाह योग बनता है।
  • स्त्रियों की कुंडली में 15 से 30 साल की उम्र में यदि मंगल की दशा आ जाए तो मंगल की महादशा में गुरु की अंतर्दशा में विवाह योग बनता है।
  • 15 से 25 वर्ष की उम्र में यदि सूर्य की महादशा आए तो सूर्य की महादशा के अंत में विवाह योग बनता है।
  • यदि आपकी चंद्रमा की महादशा चल रही है तो चंद्र में जब गुरु का अंतर आता है विवाह योग बनता है।
  • यदि आपकी मंगल की महादशा चल रही है तो मंगल की महादशा में जब बुद्ध या चंद्रमा की दशा आती है तब विवाह योग बनता है।
  • यदि आप विवाह के लिए इंतजार कर रहे हैं और आपकी बुध की महादशा चल रही है तो बुध की दशा में शुक्र की अंतर्दशा में विवाह योग बनता है।
  • बुध की महादशा बुध की अंतर्दशा और शुक्र गुरु चंद्र की प्रत्यंतर दशा में आप विवाह योग किस महीने में होगा उसका पता लगा सकते हैं।
  • विवाह योग्य आयु में यदि आप की गुरु की महादशा चल रही है तो गुरु की महादशा गुरु की अंतर्दशा और शुक्र चंद्र बुध की प्रत्यंतर दशा में विवाह योग बनता है।
  • विवाह योग्य आयु में शुक्र की महादशा चल रही हो तो शुक्र की महादशा में शुक्र की अंतर्दशा और चंद्र गुरु बुध की प्रत्यंतर दशा में विवाह योग बनता है।
  • शुक्र की महादशा में चंद्रमा की अंतर्दशा गुरु की अंतर्दशा जब हो तो विवाह होता है।
  • यदि आपकी उम्र विवाह लायक है तो 15 से 35 वर्ष की उम्र में यदि शनि की महादशा है तो शनि की महादशा शुक्र की अंतर्दशा यश शनि की महादशा शनि की अंतर्दशा और शुक्र की प्रत्यंतर दशा में विवाह योग बनता है अन्यथा विवाह में देरी होती है।
  • राहु की महादशा चल रही हो और आप विवाह का इंतजार कर रहे हैं तो आपके इंतजार की घड़ियां समाप्त होने के पश्चात अचानक आपकी शादी का योग बनता है।
  • विवाह योग्य आयु में यदि केतु की दशा चल रही है तो केतु में शुक्र की अंतर्दशा जब आती है तो विवाह योग बनता है।
  • किसी भी ग्रह की महादशा में जब शुक्र बुध चंद्रमा और मंगल की प्रत्यंतर दशा अंतर्दशा आती है तो विवाह होता है।

उपरोक्त नियमों का पालन करके आप ना केवल विवाह का वर्ष जान सकते हैं बल्कि विवाह किस महीने
में होगा इसका भी आप पता लगा सकते हैं।

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