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रास्ते का पत्थर – राहू

रास्ते का पत्थर – राहू

यदि रास्ते में चलते हुए आपको कोई ऐसा पत्थर मिले जिससे आप को ठोकर लग सकती थी तो ऐसे पत्थर को रास्ते से दूर कर दीजिए ऐसा करके ना केवल आप अपने मार्ग की बाधा को दूर कर रहे हैं बल्कि दूसरों की मंजिल के मार्ग को भी प्रशस्त कर रहे हो।

ज्योतिष के अनुसार रास्ते से मेरा तात्पर्य “समय” है और पत्थर से मेरा तात्पर्य “मार्ग की बाधा”। ज्‍योतिष में राहु को मार्ग की बाधा की उपमा दी गई है। ईश्वर ने शायद आसुरी शक्तियों का निर्माण हमें यह याद दिलाने के लिए किया है की देर-सवेर आपको धर्म और अधर्म के बीच का फर्क पता चलता रहे। यही कारण है कि कुछ लोग अधर्म करने के पश्चात भी ताउम्र फलते-फूलते रहते हैं यह लोग वहीं असुर हैं जिन्हें विधाता ने किसी ना किसी खास उद्देश्‍य के लिए बनाया है।

आम जीवन में आप देखते है कि आप को परेशानी झेलनी पडती है, कठिनाईयों का सामना करना पडता है, इसे आप ऐसा समझिए कि अवश्‍य ही आपसे जाने-अनजाने कोई अपराध हुआ होगा जिस कारण कठिनाई के रूप में दंड मिला है। यदि ऐसा नहीं है तो भी धैर्य रखें यह आपकी परीक्षा हो सकती है क्‍योंकि सच्‍चाई और धर्म का मार्ग कांटो और कठिनाईयों से भरा है, इस पर चलना कोई खेल नहीं है।

राहु केवल रास्ते की बाधा ही नहीं है बल्कि राहु हमें शिक्षा देता है कि हर पल हमें भविष्य के लिए तैयार रहना चाहिए क्योंकि अकस्मात, अचानक कार्य करना राहु की निशानी है। राहु शनि के आदेश का पालन करता है।

वर्तमान में अर्थात आजकल कर्क राशि में राहु विराजमान है और अपनी सातवीं दृष्‍टि से मकर राशि में स्‍थित मंगल उच्‍च के होकर पूरा प्रभाव डाल रहें है। ज्‍योतिष के हिसाब से यह विकट स्‍थिति है, ध्‍यान से अपने आसपास, परिवार, समाज और देश की स्‍थिति का अवलोकन करेंगे तो आप पाएंगे कि देश में आंधियां आ रही है,  राजनीतिक माहौल भी तूफानी बना हुआ है, रहस्य की स्थिति बनी हुई है। इसके पीछे मंगल, केतु और राहु है। मंगल राहु और केतु का यह असर इस वर्ष नवंबर तक संसार में प्राणियों को प्रभावित करता रहेगा।

इस स्‍थिति में कर्क तुला और कुंभ राशि के लोगों को खास सावधानी रखनी चाहिए क्योंकि इन राशियां पर अग्नि रूपी मंगल एवं केतु की दृष्टि है। ऐसी स्‍थिति पर धर्म के प्रति आस्थावान रहने की आवश्यकता है इसलिए दूसरों के रास्तों के पत्थर हटाइए, आपके रास्ते के पत्थर अपने आप हट जाएंगे, समय का सदुपयोग करते हुए कर्म करते रहिए क्योंकि राहु केतु रहस्यमय ग्रह हैं परंतु मंगल इस समय बहुत अधिक शक्तिशाली है। आपको जो दिख रहा है वही सत्य है ऐसा नहीं है और जो दिखाई नहीं दे रहा है लेकिन सत्‍य है, उस सत्य की भी कल्पना कर के देख लेना चाहिए।

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